Type Here to Get Search Results !

Ads

Gopal Das Neeraj | गोपालदास नीरज

gopal-das-neeraj

Gopal Das Neeraj
गोपालदास नीरज

गोपालदास नीरज (4 जनवरी 1924-19 जुलाई 2018) हिंदी साहित्य के जाने माने कवियों में से हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के इटावा जिला के गाँव पुरावली में हुआ , उनके पिता का नाम बाबू ब्रजकिशोर सक्सेना था । हिन्दी साहित्यकार, शिक्षक, एवं कवि सम्मेलनों के मंचों पर काव्य वाचक एवं फ़िल्मों के गीत लेखक थे। 

गोपालदास नीरज की काव्य पुस्तकें : आसावरी, बादलों से सलाम लेता हूँ, गीत जो गाए नहीं, नीरज की पाती, नीरज दोहावली, गीत-अगीत, कारवां गुजर गया, पुष्प पारिजात के, काव्यांजलि, नीरज संचयन, नीरज के संग-कविता के सात रंग, बादर बरस गयो, मुक्तकी, दो गीत, नदी किनारे, लहर पुकारे, प्राण-गीत, फिर दीप जलेगा, तुम्हारे लिये, वंशीवट सूना है और नीरज की गीतिकाएँ शामिल हैं। 

गोपालदास नीरज की प्रमुख कविता संग्रह : हिन्दी साहित्यकार सन्दर्भ कोश के अनुसार नीरज की कालक्रमानुसार प्रकाशित कृतियाँ इस प्रकार हैं।  
  • संघर्ष (1944)
  • अन्तर्ध्वनि (1946)
  • विभावरी (1948)
  • प्राणगीत (1951)
  • दर्द दिया है (1956)
  • बादर बरस गयो (1957)
  • मुक्तकी (1958)
  • दो गीत (1958)
  • नीरज की पाती (1958)
  • गीत भी अगीत भी (1959)
  • आसावरी (1963)
  • नदी किनारे (1963)
  • लहर पुकारे (1963)
  • कारवाँ गुजर गया (1964)
  • फिर दीप जलेगा (1970)
  • तुम्हारे लिये (1972)
  • नीरज की गीतिकाएँ (1987)
गोपालदास नीरज के पुरस्कार एवं सम्मान : गोपालदास नीरज को कई पुरस्कार व सम्मान प्राप्त हुए।  
  • विश्व उर्दू परिषद् पुरस्कार
  • पद्म श्री सम्मान (1991), भारत सरकार
  • यश भारती एवं एक लाख रुपये का पुरस्कार (1994), उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ
  • पद्म भूषण सम्मान (2007), भारत सरकार
गोपालदास नीरज के फिल्म फेयर पुरस्कार : फ़िल्म जगत में सर्वश्रेष्ठ गीत लेखन के लिये उन्नीस सौ सत्तर के दशक में लगातार तीन बार इस पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया।  
  • 1970: काल का पहिया घूमे रे भइया! (फ़िल्म: चंदा और बिजली)
  • 1971: बस यही अपराध मैं हर बार करता हूँ (फ़िल्म: पहचान)
  • 1972: ए भाई! ज़रा देख के चलो (फ़िल्म: मेरा नाम जोकर)

Gopal Das Neeraj ki Kavita

गोपालदास नीरज का जीवन परिचय

गोपालदास नीरज - दर्द दिया है

गोपालदास नीरज - आसावरी

गोपालदास नीरज - नदी किनारे

गोपालदास नीरज - लहर पुकारे

गोपालदास नीरज - बादर बरस गयो

गोपालदास नीरज - गीत जो गाए नहीं

गोपालदास नीरज - नीरज की पाती

गोपालदास नीरज - प्राण-गीत

गोपालदास नीरज - मुक्तकी

गोपालदास नीरज - गीत-अगीत

गोपालदास नीरज - गीतिका

गोपालदास नीरज - वंशीवट सूना है

गोपालदास नीरज की गीतिकाएँ

गोपालदास नीरज के दोहे

गोपालदास नीरज - हाइकु

गोपालदास नीरज की ग़ज़लें

Gopal Das Neeraj Dard Diya Hai

दर्द दिया है - Gopal Das Neeraj

मेरा गीत दिया बन जाये - Gopal Das Neeraj

मस्तक पर आकाश उठाये - Gopal Das Neeraj

हज़ारों साझी मेरे प्यार में - Gopal Das Neeraj

छ: रुबाइयाँ - Gopal Das Neeraj

तुम दीवाली बनकर जग का तम दूर करो - Gopal Das Neeraj

दुनिया के घावों पर - Gopal Das Neeraj

तिमिर ढलेगा - Gopal Das Neeraj

धरा को उठाओ, गगन को झुकाओ - Gopal Das Neeraj

चार विचार - Gopal Das Neeraj

उद्जन बम्ब के परीक्षण पर - Gopal Das Neeraj

आदि पुरुष - Gopal Das Neeraj

दो रुबाइयाँ - Gopal Das Neeraj

आज जी भर देख लो तुम चाँद को - Gopal Das Neeraj

विरह रो रहा है, मिलन गा रहा है - Gopal Das Neeraj

उसकी अनगिन बूँदों में - Gopal Das Neeraj

दुख ने दरवाज़ा खोल दिया - Gopal Das Neeraj

एक विचार - Gopal Das Neeraj

एक तेरे बिना प्राण ओ प्राण के ! - Gopal Das Neeraj

सावन के त्योहार में - Gopal Das Neeraj

मन क्या होता है - Gopal Das Neeraj

चाह मंज़िल की - Gopal Das Neeraj

पपिहरा उठा पुकार पिया नहीं आये - Gopal Das Neeraj

तसवीर बन गया - Gopal Das Neeraj

लगन लगाई - Gopal Das Neeraj

जिस दिन तेरी याद न आई - Gopal Das Neeraj

तब तुम आए - Gopal Das Neeraj

प्राण ! मन की बात - Gopal Das Neeraj

तू उठा तो उठ गई सारी सभा - Gopal Das Neeraj

ओ बादर कारे - Gopal Das Neeraj

जा में दो न समायँ - Gopal Das Neeraj

मैं तो तेरे पूजन को - Gopal Das Neeraj

आज मेरे कंठ में - Gopal Das Neeraj

मेरे जीवन का सुख - Gopal Das Neeraj

गीत-नीरज गा रहा है - Gopal Das Neeraj

न बनने दो - Gopal Das Neeraj

Gopal Das Neeraj Aasavari

दीप और मनुष्य - Gopal Das Neeraj

हर दर्पन तेरा दर्पन है - Gopal Das Neeraj

अधिकार सबका है बराबर - Gopal Das Neeraj

यदि वाणी भी मिल जाए दर्पण को - Gopal Das Neeraj

ओ प्यासे अधरोंवाली - Gopal Das Neeraj

कोई मोती गूँथ सुहागिन - Gopal Das Neeraj

विदा-क्षण आ पहुंचा - Gopal Das Neeraj

बसंत की रात - Gopal Das Neeraj

प्यार न होगा - Gopal Das Neeraj

दूर नहीं हो - Gopal Das Neeraj

पाती तक न पठाई - Gopal Das Neeraj

धनियों के तो धन हैं लाखों - Gopal Das Neeraj

स्वप्न झरे फूल से - Gopal Das Neeraj

हम सब खिलौने हैं - Gopal Das Neeraj

ओ प्यासे - Gopal Das Neeraj

स्नेह सदा जलता है - Gopal Das Neeraj

बुलबुल और गुलाब - Gopal Das Neeraj

अस्पृश्या - Gopal Das Neeraj

दुख के दिन - Gopal Das Neeraj

मुझे तुम भूल जाना - Gopal Das Neeraj

Gopal Das Neeraj Nadi Kinare

निर्जन की नीरव डाली का मैं फूल - Gopal Das Neeraj

कितना एकाकी मम जीवन - Gopal Das Neeraj

अपनी कितनी परवशता है - Gopal Das Neeraj

मुझको अपने जीवन में हा ! कभी न शान्ति मिलेगी - Gopal Das Neeraj

कितनी अतृप्ति है - Gopal Das Neeraj

साथी ! सब सहना पड़ता है - Gopal Das Neeraj

क्यों उसको जीवन भार न हो - Gopal Das Neeraj

मुझको जीवन आधार नहीं मिलता है - Gopal Das Neeraj

तुमने कितनी निर्दयता की - Gopal Das Neeraj

क्यों रुदनमय हो न उसका गान - Gopal Das Neeraj

मत छुप का वार करो - Gopal Das Neeraj

खग! उड़ते रहना जीवन-भर - Gopal Das Neeraj

चल रे! चल रे! थके बटोही! थोडी दूर और मंजिल है - Gopal Das Neeraj

मैंने बस चलना सीखा है - Gopal Das Neeraj

लहरों में हलचल - Gopal Das Neeraj

मैं क्यों प्यार किया करता हूँ - Gopal Das Neeraj

जीवन-समर, जीवन-समर - Gopal Das Neeraj

जग ने प्यार नहीं पहचाना - Gopal Das Neeraj

तब मेरी पीड़ा अकुलाई - Gopal Das Neeraj

तिमिर का छोर - Gopal Das Neeraj

इन नयनों से सदैव मैंने सिर्फ नीर झरते देखा है - Gopal Das Neeraj

कोई क्यों मुझसे प्यार करे! - Gopal Das Neeraj

मधु में भी तो छुपा गरल है - Gopal Das Neeraj

रोने वाला ही गाता है - Gopal Das Neeraj

मैंने जीवन विषपान किया, मैं अमृत-मंथन क्या जानूँ! - Gopal Das Neeraj

धड़क रही मेरी छाती है - Gopal Das Neeraj

टूटता सरि का किनारा! - Gopal Das Neeraj

आज आँधी आ रही है - Gopal Das Neeraj

मेरा कितना पागलपन था - Gopal Das Neeraj

अब तो मुझे न और रुलाओ! - Gopal Das Neeraj

घोर तम अब छा रहा है - Gopal Das Neeraj

अब तो उठते नहीं पैर भी कैसे चलता जाऊँ पथ पर - Gopal Das Neeraj

पंथी! तू क्यों घबराता है! - Gopal Das Neeraj

तेरी भारी हार हुई थी! - Gopal Das Neeraj

डगमगाते पाँव मेरे आज जीवन की डगर पर - Gopal Das Neeraj

अब अलि-गुनगुन गान कहाँ हैं - Gopal Das Neeraj

फूल डाल से छूट रहा है - Gopal Das Neeraj

फिर भी जीवन से प्यार तुझे - Gopal Das Neeraj

फिर भी जीवन-अभिलाष तुझे - Gopal Das Neeraj

भार बन रहा जीवन मेरा - Gopal Das Neeraj

हाय, नहीं अब कोई चारा - Gopal Das Neeraj

बादल का अन्तर बरस रहा - Gopal Das Neeraj

पेड़ गिरना चाहता है- Gopal Das Neeraj

चुपके-चुपके मन में रोऊँ, बस मेरा अधिकार यही है - Gopal Das Neeraj

पीर मेरी, प्यार बन जा - Gopal Das Neeraj

था न जीवन भार मुझको - Gopal Das Neeraj

प्रियतम ! क्यों इतनी निष्ठुरता - Gopal Das Neeraj

मधुर, तुम इतना ही कर दो - Gopal Das Neeraj

कर्त्तव्य-पथ, कर्त्तव्य-पथ - Gopal Das Neeraj

हार न अपनी मानूँगा - Gopal Das Neeraj

नभ में चपला चपल चमकती - Gopal Das Neeraj

नष्ट हुआ मधुवन का यौवन- Gopal Das Neeraj

विश्व, न सम्मुख आ पाओगे - Gopal Das Neeraj

आ गई आँधी गगन में - Gopal Das Neeraj

अब दीपक बुझने वाला है - Gopal Das Neeraj

माँझी नौका खोल रहा है - Gopal Das Neeraj

आज माँझी ने विवश हो छोड़ दी पतवार - Gopal Das Neeraj

मैं रोदन ही गान समझता! - Gopal Das Neeraj

तुम गए चितचोर- Gopal Das Neeraj

निकला नभ में एक सितारा - Gopal Das Neeraj

Tags : gopal das neeraj, gopaldas neeraj, gopal das neeraj poems,gopal das neeraj ki kavita, gopaldas neeraj quotes,hindi kavita,jane mane kavi.


Top Post Ad

Below Post Ad

Ads