क्या वो आयेगी? - अभिषेक मिश्र | Kya wo aayegi - Abhishek Mishra

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"क्या वो आयेगी?"

जिससे होगी जीवन की खुशी हमारी,
जो बन जाएगा फिर ज़िन्दगी हमारी,
जिसके मिलने से सांस में सांस आएगी,
 कहीं किसी मोड़ पे कभी क्या वो आएगी?

जिसकी बाहों में अपने सारे दर्द को भूलूँ,
जिसके साथ सुकून के कुछ क्षण जी लूँ,
उससे मिलने की घड़ी क्या आयेगी?
कहीं किसी मोड़ पे कभी क्या वो आएगी?

जिसकी आँखों में रहूंगा मैं डूबा,
बनेगी जो मेरे दिल की महबूबा,
उसके आने से मदहोशी सी छाएगी,
कहीं किसी मोड़ पे कभी क्या वो आयेगी?

जिसे देखते ही दिल को चैन आयेगा,
पल दो पल और दिन रैन आएगा,
खुशबू जिसकी मेरी साँसों में मिल जायेगी,
कहीं किसी मोड़ पे कभी क्या वो आयेगी?

जिसे देखते ही हृदय अपना होश गंवाएगा,
जिसके चेहरे के अलावा कुछ और नजर न आएगा,
जिसकी रूह से मेरी रूह मिल जाएगी,
कहीं किसी मोड़ पे  कभी क्या वो आएगी??
                        
अभिषेक मिश्र -

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