Shri Krishna Saral | श्रीकृष्ण सरल

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Shri Krishna Saral ka jeevan parichay
श्रीकृष्ण सरल का जीवन परिचय

श्रीकृष्ण सरल (01 जनवरी 1919- 02 सितम्बर 2000) का जन्म मध्य प्रदेश के अशोक नगर में हुआ। श्रीकृष्ण सरल के पिता का नाम श्री भगवती प्रसाद तथा माता का नाम यमुना देवी था। सरल जी शासकीय शिक्षा महा विद्यालय, उज्जैन में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत रहे। वे स्वयं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे तथा अध्यापक के पद से निवृत्त होकर आजीवन साहित्य-साधना में लगे रहे। 

सरल जी ने अपना सम्पूर्ण लेखन भारतीय क्रांतिकारियों पर ही किया है। क्रांतिकारियों पर उन्होंने अनेक पुस्तकें लिखीं जिनमें पन्द्रह महाकाव्य हैं। साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश द्वारा श्रीकृष्ण सरल के नाम पर कविता के लिए "श्रीकृष्ण सरल पुरस्कार" प्रति वर्ष प्रदान किया जाता है।

श्रीकृष्ण सरल की रचनाएँ :

श्रीकृष्ण सरल ने क्रान्तिकारी कोश नामक एक किताब लिखी जिसमें भारतीय स्वाधीनता आन्दोलन के इतिहास को पूरी प्रामाणिकता के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया। यह पाँच अलग-अलग भागों में प्रकाशित की गई है।
  • क्रांतिकारी कोश १
  • क्रांतिकारी कोश २
  • क्रांतिकारी कोश ३
  • क्रांतिकारी कोश ४
  • क्रांतिकारी कोश ५
  • महावली
  • इतिहास-पुरूष सुभाष
  • जय हिंद

उपन्यास :- चटगाँव का सूर्य, चन्द्रशेखर आजाद, राजगुरु, जय हिंद, दूसरा हिमालय, यतीन्द्रनाथ दास, बाधा जतीन, रामप्रसाद बिस्मिल।

निबन्ध-संग्रह :- अनमोल वचन, जियो तो ऐसे जियो, युवकों से दो-दो बातें, विचार और विचारक, जीवन-रहस्य, मेरी सृजन-यात्रा।

महाकाव्य :- चन्द्रशेखर आजाद, सरदार भगतसिंह, सुभाषचन्द्र, बागी करतार, शहीद अश्फाक उल्ला खाँ, कान्ति ज्वालकामा, अम्बेडकर दर्शन, स्वराज्य तिलक, विवेक श्री, जय सुभाष।

काव्य-संग्रह :- किरण कुसुम, काव्य गीता, राष्ट्र-वीणा, सरल दोहावली, क्रांति गंगा, सरल महाकाव्य ग्रंथावली, जयहिन्द गज़लें, सरल मुक्तक, इन्कलाबी गज़लें, कौमी गज़लें, बागी गज़लें, शहीदी गज़लें, जीवन्त आहुति, श्रृंगार गीत, शहीदों की काव्य कथाएँ, राष्ट्र की चिन्ता, काव्य कथानक, विवेकांजलि, राष्ट्र भारती, रक्त गंगा, काव्य मुक्ता, मौत के आँसू, भारत का खून उबलता है, महारानी अहिल्याबाई, अद्भुत कवि सम्मेलन, वतन हमारा, हेड मास्टरजी का पायजामा, मुझको यह धरती प्यारी है, काव्य कुसुम, स्नेह सौरभ, बच्चों की फुलवारी, स्मृति-पूजा, बापू-स्मृति-ग्रंथ, कवि और सैनिक, मुक्ति-गान।

संस्मरण :- क्रान्तिकारियों की गर्जना

अन्य रचनाये :- संस्कृति के आलोक स्तम्भ, संसार की प्राचीन सभ्यताएँ, हिन्दी ज्ञान प्रभाकर, देश के दीवाने, शिक्षाविद् सुभाष, संसार की महान आत्माएँ, क्रान्तिकारी शहीदों की संस्मृतियाँ, सुभाष की राजनैतिक भविष्यवाणियाँ, नेताजी सुभाष दर्शन, नेताजी के सपनों का भारत, कुलपति सुभाष, देश के प्रहरी, सेनाध्यक्ष सुभाष, क्रान्तिवीर, देश के दुलारे, आजीवन क्रान्तिकारी, शहीदों की कहानियाँ, राष्ट्रपति सुभाषचन्द्र बोस, बलिदान गाथाएँ, शहीद-चित्रावली, क्रान्ति-कथाएँ, सुभाष या गांधी, क्रान्ति इतिहास की समीक्षा, रानी चेनम्मा, नेताजी सुभाष जर्मनी में, क्रान्तिकारी आन्दोलन के मनोरंजक प्रसंग, नर-नाहर नरगुन्दकर, अल्लूरी सीताराम राजू, रासबिहारी बोस, डॉ० चम्पकरमन पिल्लई, चिदम्बरम् पिल्ले, पद्मनाम आयंगार, वासुदेव बलवन्त फड़के, बाबा पृथ्वीसिंह आजाद, करतारसिंह सराबा, क्रान्तिकारिणी दुर्गा भाभी, सुब्रमण्यम शिव, वांची अय्यर।

श्रीकृष्ण सरल की प्रमुख्य रचनाएँ देश भक्ति  व अन्य विषय पर  :


Shri Krishna Saral Selected Poems

भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान - Shri Krishna Saral

धरा की माटी बहुत महान - Shri Krishna Saral

जियो या मरो, वीर की तरह - Shri Krishna Saral

देश के सपने फूलें फलें - Shri Krishna Saral

शहीद - Shri Krishna Saral

देश से प्यार - Shri Krishna Saral

सैनिक - Shri Krishna Saral

प्रकृति कुछ पाठ पढ़ाती है - Shri Krishna Saral

प्रेम की पावन धारा है - Shri Krishna Saral

मत ठहरो - Shri Krishna Saral

आँसू - Shri Krishna Saral

छोड़ो लीक पुरानी - Shri Krishna Saral

जवानी खुद अपनी पहचान - Shri Krishna Saral

नेतृत्व - Shri Krishna Saral

पीड़ा का आनन्द - Shri Krishna Saral

मुझमें ज्योति और जीवन है - Shri Krishna Saral

कहो नहीं करके दिखलाओ - Shri Krishna Saral

माँ - Shri Krishna Saral

काँटे अनियारे लिखता हूँ - Shri Krishna Saral

मैं अमर शहीदों का चारण - Shri Krishna Saral

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